तुमने भी बात ---
जब तुम मदहोश हो गए ,
हम भी खामोश हो गए ।
तुमने भी बात नहीं की ,
हमने भी बात नहीं की ।
कोई भी बात नहीं थी ,
बातों में बात चल पड़ी ।
बातों ही बातों में यूँ ,
बातों कि चली फुलझड़ी ।
शापित सब जोश हो गए ,
सपने रूपोश हो गए |
हमने भी बात नहीं की,
तुमने भी बात नहीं की।
फिर भी है बात जरूरी
आगे जब बात चलेगी
बातें तब ही सुलझेंगी
तब ही तो बात बनेगी
शब्द शब्द रोष हो गए
बेमानी संतोष हो गए
तुमने भी बात भी की ,
हमने भी बात नहीं की ।
तो आओ बात हम करें
बातों का भूल भुलावा
वरना जीवन भर होगा
हमको यह पछतावा
क्यूँ तुम मदहोश हो गए
क्यूँ हम खामोश होगये
क्यूँ तुमने बात नहीं की ,
क्यूँ हमने बात नहीं की ।
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