Sunday, January 1, 2017

मुबारक हो नया साल

रमुआ को होरी को
कल्लू को डोरी को
मुबारक हो नया साल

मुबारक तो पिछला  भी था
मगर कई घाव दे गया
सादे से जीवन में
सौ घुमाव दे गया

तो रानी को महरी को
लुटी गुलदुपहरी को
मुबारक हो नया साल


सपने पहले भी थे
लेकिन सब बिखर गए
स्वप्न भंग होते ही
 जानें वे किधर गए 

तो छप्पर को छानी को
असफल कहानी को
मुबारक हो नया साल

विद्वान हैं हम

उत्तरों को प्रश्न में ढाला
और उस पर वहम यह पाला 
कि विद्वान हैं हम
स्वयं को तट पर खड़ा करके
वहस शुचिता पर करी वर्षों
मगर शुचितावान जख्मों पर
मली  हमने  फिटकरी वर्षों

बेटियों को नरक में डाला
और उस पर बहम यह पाला
कि प्रज्ञावान हैं हम