Tuesday, December 8, 2015

मानव मूल्यों का हम मिलकर क्षरण नहीं होने देंगे 
सब मिल कर मानवाधिकार का हनन नहीं होनें देंगे

 लेकिन पहले हम यह समझे क्या अधिकार हमारे हैं 
 जिन अधिकारों पर कुछ लोगयहां कुंडली मारे हैं 
स्वतंत्रता अधिकार  सभी का , हक़ जिन्दा रहने का भी 
अपना दर्द, शिकायत अपनी   राजा  से कहने का भी 
 भ्रष्टाचार मुक्त शासन  हो कोई भी भयभीत न हो
न्याय सभी को  मिले कभी भी अन्यायी की जीत  न हो
भोजन का अधिकार सभी को  कोई प्यासा  नहीं मिले
विद्यालय में एकलव्य को  कभी हताशा नहीं   मिले
कोई भी  यदि वंचित हो तो वंचित हो दुविधाओं से
लेकिन  वंचित नहीं रहे वो  मूलभूत  सुविधाओं से
जनता के इन अधिकारों पर कोई यदि डाका  डाले
झोपड़ियों पर बिजली बाले छा जाएँ  बादल काले
मजदूरों का बहे  पसीना लेकिन उसका दाम  न हो
दरबारों में झूठ चले पर  सच्चाई का नाम न हो
तब अपने इस अधिकारों की खातिर होगे खड़े नहीं
जाति  वर्ग से ऊचें उठ कर होंगे यदि हम बड़े नही
तो मानव के अधिकारों पर डाके पड़ते जाएंगे
अत्याचारी शोषण वाले गीत सुनाते जाएंगे
 अत्याचारों को मानवता का कफ़न नहीं होने देना
सब मिल कर मानवाधिकार का हनन नहीं होने देना









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