बहुत हो गया उमड़ घुमड़
अब बरसो भी मेघा ।
बिन बरसे ही निकल गए
तो फिर कैसे मेघा
यार बरसने के तुम भी
लोगे पैसे मेघा
खाली है किसान की थाली
परसो भी मेघा
ताल तलैया पोखर नदियाँ
सब के सब प्यासे
प्यासे पनघट प्यासे मेंले
प्यासे जनवासे
बहुत हुआ अब छोड़ो गुस्सा
हर्षो भी मेघा ।
अब बरसो भी मेघा ।
बिन बरसे ही निकल गए
तो फिर कैसे मेघा
यार बरसने के तुम भी
लोगे पैसे मेघा
खाली है किसान की थाली
परसो भी मेघा
ताल तलैया पोखर नदियाँ
सब के सब प्यासे
प्यासे पनघट प्यासे मेंले
प्यासे जनवासे
बहुत हुआ अब छोड़ो गुस्सा
हर्षो भी मेघा ।
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